कोटेशन पढ़ना, बिना बातों में आए
ऑन-रोड का ब्योरा लिखित में माँगिए, लाइन दर लाइन: एक्स-शोरूम, रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन और RTO फ़ीस, बीमा, FASTag, और जो कुछ और हो। एक ही नंबर में दिया कोटेशन वह सबसे आसान जगह है जहाँ कोई ऐसा चार्ज बैठ जाता है जिसकी कोई सफ़ाई नहीं मिलती।
बीमे की लाइन को हमारे ऑन-रोड आँकड़े के आधार प्रीमियम से मिलाइए, और पूछिए कि फ़र्क़ में क्या मिल रहा है। देखिए कि एक्सेसरी और बढ़ी हुई वारंटी आपने चुनी थीं या जोड़ दी गईं। देखिए कि छूट एक्स-शोरूम कीमत पर है, उस आँकड़े पर नहीं जो छूट देने के लिए ही गढ़ा गया हो।
फ़ाइनेंस डीलर के ज़रिए हो रहा है तो दर, अवधि और प्रोसेसिंग फ़ीस अलग-अलग माँगिए, और पूछिए कि बीमा क़र्ज़ में जोड़ तो नहीं दिया गया। फिर महीने के आँकड़े की तुलना वाहन के अपने पेज वाले आँकड़े से कीजिए, जहाँ मान्यताएँ छपी रहती हैं।