आर्काइव: वे मॉडल जो अब नए नहीं बिकते
जब कोई मॉडल नया बिकना बंद कर देता है, उसका रिकॉर्ड ग़ायब नहीं होता। उस पर आर्काइव का निशान लगता है और वह अपनी स्पेसिफ़िकेशन, आख़िरी सूचीबद्ध कीमत और तस्वीरों के साथ रजिस्टर पर बना रहता है, क्योंकि वाहन ख़ुद अब भी सड़क पर है और अब भी सेकंड हैंड ख़रीदा-बेचा जाता है।
इनमें सबसे पुराने हमारी पहली कैटलॉग से आते हैं, जो 2013 और 2015 के बीच बनी थी। यार्ड में बारह साल पुराने ट्रक के सामने भी खरीदार पढ़ सकते हैं कि वह किस रूप में बेचा गया था, और उसी कीमत पर अच्छी तरह रखे और थके हुए ट्रक में फ़र्क़ बताने का यही एक तरीक़ा है।
जो निर्माता भारतीय बाज़ार छोड़ चुके हैं उन्हें भी इसी तरह रखा जाता है, इस निशान के साथ कि वे अब नया नहीं बेचते। उनके पेजों पर वही नोट रहता है, ताकि कोई बंद हो चुकी रेंज को चालू न समझ ले।